Loading...

Best Story in Hindi Sher ko Tapke Ka Dar | शेर को टपके का डर

sher ko tapke ka dar

शेर को टपके का डर

जंगल का राजा शेर बड़ा ही ताक़तवर था। उसकी दहाड़ सुनकर हाथी तक काँप जाते थे। एक दिन शेर शिकार करके पेड़ के नीचे बैठा था और मज़े से मांस खा रहा था।

तभी ऊपर टहनी पर बैठा एक शरारती कौवा बोला –

“ओ शेर भैया! तू जंगल का राजा है, सब तुझसे डरते हैं… लेकिन ज़रा सोच, अगर ऊपर से टपक गया तो?”

शेर ने पहले तो कुछ नहीं कहा। बस शांत होकर खाना खाता रहा।

कौवा हँसकर फिर बोला –
“हा हा हा… ताक़तवर शेर को भी टपकने का डर है!”

अब शेर मुस्कुराया और बोला –
“कौवे! डर तो सबको लगता है। लेकिन असली बहादुर वही है, जो डर के बावजूद हिम्मत न छोड़े।”

कौवा चुप हो गया। उसने समझ लिया कि सचमुच ताक़तवर वही है, जो डर के आगे भी डटा रहे।

सीख (Moral of the Story)

डर सबको लगता है, चाहे छोटा हो या बड़ा।

हिम्मत वाला वही है, जो डर के बाद भी आगे बढ़े।

“डर के आगे जीत है।”

Leave a Comment

This will close in 0 seconds

This will close in 0 seconds

This will close in 0 seconds

This will close in 0 seconds

This will close in 0 seconds

Bot