गांव में शाम का समय था।
सभी बच्चे खेल रहे थे, लेकिन एक कोने में छोटा मोहन चुपचाप बैठा था। उसकी आंखों में डर था।

आज गांव में खबर फैल गई थी कि जंगल के रास्ते पर कोई भयानक साया दिखाई देता है।
कोई बच्चा उस रास्ते से स्कूल जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
तभी वहां नन्हे कृष्ण आए।
मोरपंख, हल्की मुस्कान और आंखों में शरारत।
कृष्ण ने पूछा,
“मोहन, तुम खेल क्यों नहीं रहे?”
मोहन बोला,
“कान्हा… मुझे डर लगता है। लोग कहते हैं वहां कुछ भयानक है।”
कृष्ण मुस्कुराए।
“डर तब होता है, जब हम सच नहीं जानते।”
🌿 जंगल का रास्ता

कृष्ण ने सब बच्चों का हाथ पकड़ा।
“चलो, आज डर का सामना करते हैं।”
सभी बच्चे कांपते हुए जंगल की ओर चले।
हवा तेज़ थी…
पेड़ हिल रहे थे…
अचानक झाड़ियों में हलचल हुई।
बच्चे चिल्लाए—
“वही है! भूत!”
लेकिन कृष्ण आगे बढ़े।

उन्होंने बांसुरी बजाई… 🎶
और झाड़ियों से निकला—
एक डरा हुआ हिरण, जो कांटों में फंसा था।
✨ सीख
कृष्ण ने कहा:

वो अक्सर हमारी गलत सोच होती है।
साहस से देखने पर डर सच नहीं रहता।”
मोहन की आंखों में चमक आ गई।
उसने कहा,
“आज मैं समझ गया…
डर से भागने से अच्छा है,
उसका सामना करना।”
सभी बच्चे हंस पड़े।
कृष्ण ने आंख मारी…
और बांसुरी की धुन हवा में घुल गई।
🌈 Moral (Kids Friendly)
🌟 डर अज्ञान से पैदा होता है
🌟 साहस हमें मजबूत बनाता है
🌟 सच देखने वाला कभी कमजोर नहीं होता