एक छोटे गाँव में एक बच्चा बहुत गुस्सैल था। वह छोटी-छोटी बातों पर अपने दोस्तों से लड़ पड़ता और कठोर शब्द बोल जाता। उसकी इस आदत से सभी दोस्त उससे दूरी बनाने लगे। एक दिन उसके शिक्षक ने उसे एक थैला दिया, जिसमें बहुत सारी कीलें थीं, और कहा, “जब भी तुम किसी को बुरा कहो, तो एक कील इस पेड़ में ठोक देना।”
कुछ ही दिनों में पूरी पेड़ की तने कीलों से भर गई। अब शिक्षक ने कहा, “अब इन कीलों को वापस निकालो।” बच्चा ने सारी कीलें निकाल दीं, लेकिन पेड़ पर निशान रह गए।
शिक्षक ने समझाया, “देखो, जैसे कीलों ने पेड़ पर निशान छोड़ दिए, वैसे ही गुस्से में बोले गए शब्द दूसरों के मन पर निशान छोड़ देते हैं। बाद में माफी माँगना अच्छी बात है, लेकिन घाव आसानी से नहीं भरता। इसलिए सोच-समझकर बोलना चाहिए।”
बच्चे को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपनी बोली पर नियंत्रण रखने का संकल्प लिया।
“शब्दों की ताकत को कम मत समझो, एक बार बोल दिया तो उसका असर हमेशा रहता है।”
“बोले हुए शब्द वापस नहीं आते” विषय पर कुछ प्रेरणादायक हिंदी Quotes
“शब्दों का ज़हर होता है, जो एक बार फैल जाए तो समेटना मुश्किल हो जाता है।”
“बोलने से पहले सोचो, क्योंकि शब्द वापस नहीं आते, लेकिन उनकी याद रह जाती है।”
“शब्दों की ताकत को कम मत समझो, एक बार बोल दिया तो उसका असर हमेशा रहता है।”
“जुबान से निकले शब्द तलवार के वार की तरह होते हैं, जो घाव करते हैं और उनका निशान हमेशा रहता है।”
“एक बार बोल दिया तो समझो काम हो गया, क्योंकि शब्द वापस नहीं लिए जा सकते।”
“शब्द हवा में उड़ जाते हैं, पर उनकी छाप दिलों पर रह जाती है। इसलिए बोलते समय संयम रखें।”
“जुबान से निकला हुआ शब्द कभी वापस नहीं आता, इसलिए बोलने से पहले हजार बार सोच लेना चाहिए।”
“शब्द तीर की तरह होते हैं, एक बार छोड़ दिए जाएं तो वापस नहीं आते।”
“शब्दों का वजन होता है, एक बार बोल दिया तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता।”
“बोलने से पहले सोचो, क्योंकि शब्दों का असर कभी खत्म नहीं होता।”