
1. तारीख और समय – ( Chhath Puja 2025 )
- इस वर्ष छठ पूजा लगभग २५ अक्टूबर 2025 (शनिवार) से शुरू होकर २८ अक्टूबर 2025 (मंगलवार) तक मनाई जाएगी।
- मुख्य तिथि यानी शष्ठी तिथि २७ अक्टूबर 2025 सोमवार को है — इस दिन शाम को “संध्या अर्घ्य” दिया जाएगा।
- अगले दिन अर्थात २८ अक्टूबर 2025 को सुबह “उषा अर्घ्य” के साथ व्रत समाप्त होगा।
2. महत्व व इतिहास
छठ पूजा पूर्वी भारत (विशेषकर Bihar, Jharkhand, Uttar Pradesh) तथा नेपाल में मनाया जाने वाला अत्यन्त पवित्र हिन्दू पर्व है।
इस पर्व का मूल उद्देश्य है:
- सूर्य देव (Surya) को आभार व्यक्त करना — क्योंकि उन्हीं की किरणों से जीवन संभव है।
- छठी मइया (Chhathi Maiya) की आराधना — जो जीवन-शक्ति, स्वास्थ्य, संतान सौभाग्य आदि का प्रतीक मानी जाती हैं।
- शरीर-मन की शुद्धि, संयम, और प्राकृतिक तत्वों के प्रति आदर व्यक्त करना — जैसे नदी में स्नान, उपवास, सूर्य को अर्घ्य आदि।
3. चार-दिनों की मुख्य धारा एवं पूजा-विधि
यह पर्व चार मुख्य चरणों में मनाया जाता है:
| दिन | नाम | क्रिया | विवरण |
|---|---|---|---|
| पहला दिन | नहाय-खाय (Nahay Khay) | नदी/ताल में स्नान + सास्वत (शुद्ध) भोजन | व्रती स्वच्छता, संकल्प के साथ भोजन लेते हैं। |
| दूसरा दिन | खरना (Kharna) | निर्जला व्रत (या लम्बा व्रत) + सांझ को प्रसाद | सूर्य को खीर, रोटी, फल आदि अर्पित कर व्रत प्रारंभ किया जाता है। |
| तीसरा दिन | संध्या अर्घ्य (Sandhya Arghya) | शाम को गंगा/ताल किनारे सूर्यास्त के समय अर्घ्य | व्रती बांस का टोकरा (सूप) में ठेकुआ, गुड़-गन्ना आदि लेकर जल में खड़े होकर अर्पित करते हैं। |
| चौथा दिन | उषा अर्घ्य & पारण (Usha Arghya & Parana) | सुबह सूर्योदय के समय अर्घ्य + व्रत का पारण | व्रत समाप्ति के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है, आनंद-शांति की स्थिति होती है। |
4. क्यों विशेष है यह पर्व?
- यह पर्व प्रकृति-पूजा का उदाहरण है — सूर्य, जल, वायु, व्रत-भोजन आदि से जुड़ा हुआ है।
- इसमें समुदाय-भावना होती है — लोग नदी-घाट पर इकट्ठा होते हैं, मिलकर प्रेम व श्रद्धा से भाग लेते हैं।
- यह पर्व शारीरिक व मानसिक संयम की प्रेरणा देता है — व्रत, शुद्ध भोजन, पानी में खड़े होना आदि।
- संस्कृति-परंपरा की एक शक्ति-दायी लड़ी बनाता है — पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है।
5.FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. छठ पूजा कब है 2025 में?
A1. इस वर्ष २५ अक्टूबर 2025 से २८ अक्टूबर 2025 तक, मुख्य शष्ठी तिथि २७ अक्टूबर सोमवार को है।
Q2. किन राज्यों में खास तौर पर मनाई जाती है?
A2. बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से तथा नेपाल में यह पर्व बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
Q3. व्रती को क्या-क्या करना चाहिए?
A3. पहले दिन स्नान व एक शुद्ध भोजन; दूसरे दिन निर्जला वा लम्बा व्रत; तीसरे दिन संध्या अर्घ्य; चौथे दिन उषा अर्घ्य व पारण। प्रसाद में ठेकुआ, गन्ना, फल-फूल, गुटका (सोप) आदि शामिल होते हैं।
Q4. क्या पुरुष भी व्रत रख सकते हैं?
A4. परंपरागत रूप से विवाहित महिलाएं व्रत रखती हैं पर आज-कल पुरुष व अन्य भी श्रद्धा-भाव से भाग ले रहे हैं।
Q5. छठ पूजा क्यों मनाई जाती है?
A5. जीवन-शक्ति, स्वास्थ्य, संतान-सौभाग्य, प्रकृति-पूजा, सूर्य का आभार — इन सभी के लिए।
