आज का प्यार सिर्फ चिट्ठियों और मुलाक़ातों तक सीमित नहीं रहा, अब यह स्टेटस, चैट, seen और unseen मैसेज में भी धड़कता है। मॉडर्न समय की इन्हीं मीठी–कड़वी फीलिंग्स को शब्दों में ढालती यह कविता “दिलों की वाइब” उन दिलों के नाम है जो ऑनलाइन रहते हुए भी किसी एक इंसान के लिए ऑफलाइन सुकून ढूँढते हैं।

दिलों की वाइब
स्टेटस पर प्यार है, चैट में तकरार,
ऑनलाइन दिल, ऑफलाइन इंतज़ार।
टाइप कर के जो नहीं कह पाए,
वो एहसास आँखों ने बिन शब्द बताए।
डिलीट हुई मैसेज में कितनी बातें थीं,
अनसेंड हुए ख़्वाबों में कितनी रातें थीं।
दिल यूँ तो मॉडर्न है, फिर भी क्लासिक दर्द,
एक चेहरा ही बना बैठा लाइफ़ का वर्ड।
रात को लेट नाइट कॉल की आदत,
सुबह को फिर उसी का नाम पहली इबादत।
रिप्लाई लेट हो तो दिल घबरा जाए,
छोटी सी ‘seen’ भी तूफ़ान ले आए।
लड़ाई भी है, कसक भी है, तकरार भी है,
फिर भी तेरे बिना सब कुछ बेकार भी है।
दिल को तेरी हँसी का स्क्रीनशॉट चाहिए,
ज़िंदगी को बस तेरा साथ फुलटाइम जॉब चाहिए।
चलो न, आज इगो को लॉगआउट कर दें,
दिल की फीलिंग को सीधे शॉउटआउट कर दें।
फिल्टर हटाकर एक सच्ची-सी हँसी हँसेंगे,
दिलों की वाइब से नई स्टोरी रचेंगे।
अगर आपकी ज़िंदगी में भी कोई ऐसा है जिसके बिना नोटिफिकेशन अधूरे लगते हैं, तो यह कविता उसी के लिए है। इसे उनके साथ शेयर करें, स्टेटस पर लगाएँ या कैप्शन बना दें, ताकि आपकी दिल की वाइब सीधे उनके दिल तक पहुँचे।
