
Ganesh Chaturthi 2026 Date: आज यानी 22 जनवरी को माघी गणेश चतुर्थी, इस विधि से करें पूजा
आज यानी 22 जनवरी 2026 को माघ मास की गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है, जिसे माघी गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। यह दिन भगवान श्री गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ महीने में गणपति की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और सफलता के दाता माना गया है। आज के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा विशेष फल प्रदान करती है।
📅 Ganesh Chaturthi 2026 Date (आज की तिथि)
- त्योहार: माघी गणेश चतुर्थी
- तिथि: 22 जनवरी 2026, गुरुवार
- मास: माघ मास
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- देवता: भगवान श्री गणेश
⏰ माघी गणेश चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त
- पूजा का शुभ समय:
सुबह 10:45 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक - मध्यान्ह पूजा विशेष फलदायी
मध्यान्ह काल में गणेश जी की पूजा करने से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
🛕 गणेश चतुर्थी पूजा विधि (आज ऐसे करें पूजा)
1️⃣ स्नान और संकल्प
सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
2️⃣ पूजा स्थान तैयार करें
घर के मंदिर में लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
3️⃣ अभिषेक करें
भगवान गणेश का गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करें।
4️⃣ पूजा सामग्री अर्पण करें
- दूर्वा घास
- लाल फूल
- चंदन
- अक्षत
- धूप और दीप
5️⃣ मंत्र जाप
“ॐ गं गणपतये नमः”
कम से कम 108 बार जाप करें।
6️⃣ आरती करें
अंत में गणेश जी की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
🍬 आज गणेश जी को क्या भोग लगाएं?
माघी गणेश चतुर्थी पर भोग का विशेष महत्व होता है।
- मोदक (सबसे प्रिय)
- बेसन या बूंदी के लड्डू
- गुड़ और तिल
- केला
- नारियल
- पंचामृत
❌ तुलसी भगवान गणेश को अर्पित न करें।
🌿 माघी गणेश चतुर्थी व्रत नियम
- व्रत रखने वाले व्यक्ति को सात्विक भोजन करना चाहिए
- चंद्र दर्शन से बचना चाहिए
- क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
- जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है
🌟 माघी गणेश चतुर्थी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, माघ मास में भगवान गणेश की पूजा करने से पिछले जन्मों के पापों का नाश होता है। इस दिन की गई पूजा विशेष रूप से कर्ज मुक्ति, करियर सफलता, विवाह बाधा और संतान सुख के लिए फलदायी मानी जाती है।
मान्यता है कि माघी गणेश चतुर्थी पर गणपति अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।



❓ Ganesh Chaturthi 2026 FAQ
Q1. आज गणेश चतुर्थी क्यों है?
👉 आज 22 जनवरी 2026 को माघ मास की गणेश चतुर्थी है।
Q2. माघी गणेश चतुर्थी का क्या महत्व है?
👉 इस दिन की पूजा से जीवन के सभी विघ्न समाप्त होते हैं।
Q3. क्या आज उपवास जरूरी है?
👉 व्रत रखना शुभ माना जाता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
Q4. आज कौन-सा भोग सबसे अच्छा है?
👉 मोदक और गुड़-तिल का भोग सबसे उत्तम माना जाता है।
Q5. क्या चंद्र दर्शन करना अशुभ है?
👉 हां, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचना चाहिए।
